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पॉपुलर चीनी डॉक्यूमेंट स्कैनिंग एप Camscanner पर प्रतिबंध लगने के बाद भारतीय यूजर्स अब इसका विकल्प तलाश कर रहे हैं। कुछ भारतीय डेवलपर्स ने इस एप का विकल्प भी बनाया है, लेकिन वे बहुत ज्यादा प्रभावी साबित नहीं हुए। लेकिन कैम स्कैनर के एक विकल्प को यूजर्स बखूबी डाउनलोड कर रहे हैं और खास बात यह है कि ये एप पूरी तरह से भारतीय है।
आईआईटी बोंबे और आईएसबी हैदराबाद के एलुमिनी स्नेहांशु गांधी, आईआईटी कानपुर के एलुमिनी गौरव श्रीश्रीमाल और एआईटी पुणे के एलुमिनी तमनजीत सिंह बिंद्रा ने कागज स्कैनर (Kaagaz Scanner) नाम से इस एप का विकल्प तैयार किया है। इसके डेवलपर्स के मुताबिक इस एप की खूबी है कि यह पूरी तरह से ऑफलाइन है और न ही इस पर विज्ञापन या वाटरमार्क आते हैं। साथ ही इसके इस्तेमाल के लिए इस पर साइन-इन भी नहीं करना पड़ता है। वहीं यह काफी सुरक्षित भी है।
गूगल प्ले स्टोर पर Kaagaz Scanner एप को अभी तक 11 लाख लोग डाउनलोड कर चुके हैं। इसके डेवलपर्स का कहना है कि कैमस्कैनर पर बैन लगने का फायदा इस एप को मिला है, जिसके चलते यह लोगों के बीच काफी तेजी से पहुंच बना रहा है। उनका कहना है कि कैमस्कैनर पर प्रतिबंध लगने के तीन दिन के भीतर ही इसके डाउनलोड करने वालों की संख्या जीरो से दो लाख तक पहुंच गई। वहीं ज्यादातर लोग सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए प्ले स्टोर तक पहुंच रहे हैं।
वहीं सरकार ने भी इस एप को आत्म निर्भर एप चैलेंज और शिक्षा मंत्रालय ने भी स्वीकार्यता दी है। इसके डेवलपर्स का कहना है कि जब प्रधानमंत्री ने आत्म निर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल का आह्वान किया तो हमने पाया कि गूगल प्ले स्टोर पर इस कैटेगरी में कोई भी अच्छा भारतीय एप उपलब्ध नहीं थी। जिसके बाद उन्होंने अपनी एप बनाने की योजना बनाई।
फिलहाल इस पर रोज 70 हजार से ज्यादा नए विजिटर्स आते हैं और 1.5 महीने में एक करोड़ से ज्यादा पेज स्कैन हो चुके हैं। वहीं यह एप हिंद्री और अंग्रेजी में भी उपलब्ध है। साथ ही जल्द ही अन्य भाषाओं में भी उपलब्ध होगी। इस एप में डॉक्यूमेंट्स को सुरक्षित रखने के लिए एप लॉक फीचर भी दिया। इसमें यूजर्स जितना चाहें उतने पेज स्कैन कर सकते हैं और उन्हें सीधे ईमेल या व्हाट्सएप पर शेयर कर सकते हैं।

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